टोक्यो. जापान ने 3500 लोगों से भरे एक क्रूज शिप को कोरोनावायरस के डर से बंदरगाह पर ही छोड़ दिया है। इसमें हॉन्गकॉन्ग का एक व्यक्ति कोरोनावायरस से संक्रमित पाया गया था। इसके बाद अफसरों ने जहाज को बंदरगाह पर ही अलग रखने का फैसला कर लिया। शिप में करीब 2500 यात्रियों के अलावा क्रू के भी 1000 लोग सवार हैं। संक्रमण को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर इन सभी को अपने कमरों में ही रहने की सलाह दी गई।
जापान सरकार के प्रवक्ता योशिहिदे सुगा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि डॉक्टरों को शिप में यात्रियों की जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने लोग संक्रमित हैं। इसके बाद ही शिप को खाली कराया जा सकेगा। बताया गया है कि हॉन्गकॉन्ग से 25 जनवरी को शिप में सवार हुए एक 80 साल के यात्री की टेस्ट रिपोर्ट कोरोनावायरस पॉजिटिव आई है। ऐसे में बाकी यात्रियों पर भी कोरोनावायरस से संक्रमित होने का खतरा है। जापान में अब तक कोरोनावायरस संक्रमण के 20 मामले सामने आ चुके हैं।
शिप में टेस्टिंग के इंतजार में हजारों लोग
शिप में सवार एक महिला ने स्थानीय टीवी चैनल टीबीएस को बताया कि वह अपनी मां के साथ है। अधिकारियों ने सभी यात्रियों को अपने कमरों में रहकर वायरस टेस्टिंग के लिए इंतजार करने को कहा है। महिला ने बताया कि वह सोमवार सुबह से ही टेस्ट का इंतजार कर रही है, लेकिन इंतजार लंबा होता जा रहा है।मंगलवार सुबह तक कोई भी उनके खून का नमूना लेने नहीं पहुंचा।
हुबेई में रह चुके विदेशियों को वीजा जारी नहीं कर रहा जापान
जापान ने शनिवार से ही हुबेई में रह चुके विदेशी नागरिकों को वीजा जारी करना बंद कर दिया। यानी हुबेई निवासियों कुछ समय के लिए जापान नहीं जा सकते। सरकार के मुताबिक, अब तक 8 विदेशी नागरिकों को जापान में आने से रोका जा चुका है। जापन अब तक अपने करीब 500 नागरिकों को वुहान से इलाज के लिए देश वापस ला चुका है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today





0 Comments