नई दिल्ली: कोरोना से प्रभावित मजदूर और गरीबों के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछले हफ्ते money at home योजना की शुरूआत की है।
कोरोना वायरस के कहर की वजह से सरकार ने पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित कर दिया है जिसके चलते पूरे देश का कामकाज रोक दिया गया। इससे कंस्ट्रक्शन लेबर, रेहड़ी-ठेला लगाने वाले, फेरी लगाने वाले, रिक्शा चलाने वाले ऐसे लोग जो हर दिन कमाते-खाते हैं उनके लिए आजीरिका का संकट पैदा हो गया है। ऐसे लोगों के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मनी एट होम नाम की एक योजना का ऐलान किया है । जिससे करीब 20 लाख गरीब मजदूरों के खाते में हज़ार-हज़ार रूपए की पहली किस्त जारी भी कर दी गई है ताकि लॉकडाउन की वजह से ऐसे लोगों को खाली पेट न रहना पड़े।
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मनी ऐट होम स्कीम के तहत श्रम विभाग के तहत रजिस्टर्ड 20 लाख वर्कर्स को सबसे पहले सहायता राशि दी गई है। साथ ही नगर निगम के 16 लाख दिहाड़ी सफाई कर्मचारी, 58 हज़ार ग्राम सभाओं के 20-20 मजदूर इस योजना के तहत लाभार्थियों में शामिल किए जा रहे हैं।
सरकार का दावा है कि इस योजना से लगभग 80 लाख लोगों को फायदा होगा । दूसरी राज्य सरकारें यूपी के रास्ते पर चलें तो 21 दिन का लॉकडाउन गरीबों पर ज्यादा भारी नहीं पड़ेगा।
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लॉक़डाउन के बाद केंद्र सरकार ने भी गरीब तबके की मदद के लिए 1.70 लाख करोड़ का पैकेज दिया था। जिसके तहत सरकारी योजनाओं के जरिए गरीबों को न मुफ्त अनाज से लेकर डायरेक्ट हेल्प की बात कही गई है। लेकिन योगी सरकार की बात करें तो अकाउंट में ट्रांसफर करने में ये सरकार सबसे आगे रही है ।
राज्य सरकारों के अलावा कई उद्योगपति और कार्पोरेट हाउस भी इन लोगों के लिए अनुदान देने की बात कर चुके हैं।





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