RBI का बूस्टर डोज, ब्याज दरों में 0.75 फीसदी की कटौती, तीन महीनों तक ईएमआई में राहत

नई दिल्ली। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के 1.70 लाख करोड़ के राहत पैकेज बाद भारतीय रिजर्व बैंक कोरोना वायरस की वजह से देश की हालत को ठीक करने और देश की आम जनता को राहत देने के लिए बड़ा ऐलान किया है। आरबीआई ने कोरोना वायरस की वजह से एमपीसी की बैठक को पहले कॉल करते हुए नीतिगत ब्याज दरों में 0.75 फीसदी की कटौती का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद पर्सलन लोन, कार लोन, होम लोन सस्ता हो जाएगा। वहीं रिजर्व रेपो रेट में भी कटौती करते हुए बैंकों को भी राहत दी है। रिजर्व रेपो रेट में 0.90 फीसदी की कटौती की गई है।

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नीतिगत ब्याज दरों में कटौती
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने देश के लोगों को राहत देते बड़े ऐलान किए। मॉनेटरी पॉलिसी बैठक के बाद शक्तिकांत दास की ओर से ऐलान किया गया कि रेपो रेट में 0.75 फीसदी की कटौती की गई है। जिसके बाद यह दर 4.4 फीसदी हो गई है। वहीं रिजर्व रेपो रेट में 90 अंकों की कटौती के बाद यह दर 4 फीसदी हो गई है। इससे पहले रेपो रेट 5.15 फीसदी था। जबकि रिजर्व रेपो रेट 4.90 फीसदी था। इससे पहले यह एमपीसी की बैठक 3 अप्रैल को होने वाली थी, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से 21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से देश के लोगों को राहत देने के लिए इसका आयोजन पहले किया गया।

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टर्म लोन में राहत
वहीं दूसरी ओर आरबीआई ने देश के लोगों को लोन की ईएमआई में बड़ी राहत का ऐलान किया है। बैंकों, एनबीएफसी (हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित) और अन्य वित्तीय संस्थानों को तीन महीने तक ऋण किस्तों को स्थगित करने की अनुमति दी है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि टर्म लोन पर स्थगन, ब्याज भुगतान के स्थगित होने से वित्तीय संस्थानों के लिए परिसंपत्ति वर्गीकरण में गिरावट नहीं आएगी। इसका मतलब हुआ कि अब बैंक सर्भी तरह के टर्म लोन पर देश के लोगों को तीन महीने की राहत दे सकते हैं। इस बात का इंतजार बीते कुछ दिनों से किया जा रहा है। उम्मीद की जा रही थी कि निर्मला सीतारमण राहत पैकेज में इस बात का ऐलान करेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।



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