ऐसे युवा जो अंग्रेजी के साथ-साथ किसी देशी या विदेशी जैसी अन्य भाषा पर पकड़ बनाए हुए हैं, उनके पास दूसरे देशों में जाकर नौकरी करने के अनेक अवसर हैं। विदेशी बाजारों से संपर्क स्थापित कर यहां पर खुद को स्थापित करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों से स्थानीय भाषा में कंटेंट उपलब्ध करने का प्रसार हो रहा है। इसे लोकलाइजेशन कहते हैं जिसके तहत आप विदेश या अन्य देश में जाकर अनुवादक, प्रूफ रीडर और रिव्यूवर के पद पर नौकरी कर सकते हैं।
लोकलाइजेशन के क्षेत्र में कॅरियर बनाने वाले के पास कम से कम दो भाषाओं (सोर्स लैंग्वेज और टार्गेट लैंग्वेज) पर कमांड होना जरूरी है। सोर्स लैंग्वेज में जहां आपको ट्रांसलेशन करना होता है और टार्गेट लैंग्वेज का मतलब वह भाषा है जिसमें आप अनुवाद करते हैं। इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने के लिए इन बिंदुओं पर ध्यान दें-
- परंपरागत भाषा को बारीकी से जानने के अलावा अन्य भाषा पर प्रेक्टिस करनी बेहद जरूरी है।
- ज्यादातर विदेशी कंपनियां अपना कंटेंट ट्रांसलेट कराने के लिए एजेंसियों की मदद लेती हैं। आप चाहें तो सीधे तौर पर या इन्हीं एजेंसियों से संपर्क कर फुल टाइम या पार्ट टाइम जॉब कर सकते हैं।
- अनुवादक को स्पीड, एक्यूरेसी और क्वालिटी के साथ-साथ टार्गेट ऑडियंस को ध्यान में रखकर अनुवाद करना होता है। हिन्दी या अंग्रेजी के अलावा जिस भी रीजनल भाषा में आप व्यवहारिक हैं उसमें भी कॅरियर बनाया जा सकता है।
- शब्दों से रचनात्मक तरीके से खेलने का क्षेत्र होने के कारण प्रेक्टिस के अलावा दूसरी भाषा के मुहावरे और टोन का ज्ञान होना जरूरी है।
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